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NEET-UG paper leak को लेकर हुए student protest के बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने नए Education Minister के नाम का ऐलान कर दिया। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की सलाह पर Pralhad Joshi को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है।
कैसे हुई नियुक्ति
शनिवार शाम को जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया कि राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का resignation स्वीकार कर लिया है और प्रल्हाद जोशी, जो पहले से Cabinet Minister हैं, को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें उनके मौजूदा portfolios के अतिरिक्त दी गई है, यानी फिलहाल यह एक interim charge के तौर पर देखा जा रहा है।
नियुक्ति के तुरंत बाद प्रल्हाद जोशी ने X (Twitter) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे पूरी क्षमता के साथ इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की भी सराहना करते हुए कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री का राजनीतिक करियर दशकों तक फैला हुआ रहा है और देश के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी।
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कौन हैं प्रल्हाद जोशी
प्रल्हाद जोशी कर्नाटक के Dharwad से पांच बार के Lok Sabha MP हैं और भाजपा के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। इससे पहले वे Parliamentary Affairs, कोयला और खनन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मौजूदा समय में वे New and Renewable Energy मंत्रालय के साथ-साथ Consumer Affairs, Food and Public Distribution मंत्रालय का भी कार्यभार देख रहे हैं। अब इसमें शिक्षा मंत्रालय भी जुड़ गया है, जिससे उनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ काफी बढ़ गया है।

पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG paper leak को लेकर हफ्तों तक चले Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलन के दबाव में शनिवार को इस्तीफा दिया था। यह आंदोलन 20 जून को Jantar Mantar से शुरू हुआ था और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की भूख हड़ताल के बाद इसने बड़ा रूप ले लिया था। प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP ने अपना आंदोलन वापस ले लिया और प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील की।
नए मंत्री के सामने बड़ी चुनौतियां
प्रल्हाद जोशी के सामने अब सबसे पहली चुनौती छात्रों के भरोसे को वापस जीतना होगा। आंदोलन के दौरान छात्र संगठनों ने National Testing Agency (NTA) में बड़े सुधार और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग उठाई थी। साथ ही New Education Policy (NEP) को लेकर भी विपक्ष और छात्र संगठनों के सवाल लगातार बने हुए हैं।
शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि नए मंत्री के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता exam security को मजबूत करना और भविष्य में paper leak जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस तंत्र विकसित करना होगी। इसके अलावा अगले साल होने वाले कई राज्यों के चुनावों को देखते हुए, सरकार के लिए युवाओं का भरोसा जीतना राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
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आगे क्या होगा
फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की यह जिम्मेदारी स्थायी तौर पर मिलेगी या आने वाले दिनों में किसी Cabinet reshuffle के जरिए कोई नया चेहरा सामने आएगा। राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा जोरों पर है, लेकिन सरकार की तरफ से अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
छात्र संगठनों ने भी साफ कर दिया है कि उनकी नजर अब नए मंत्री के शुरुआती फैसलों पर टिकी रहेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रल्हाद जोशी आने वाले दिनों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध news reports और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं, इसलिए पाठकों से अनुरोध है कि नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित source जरूर देखें।
